हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, कराची में पाक मुहर्रम एसोसिएशन के तत्वावधान में मुहर्रमुल-हराम 1448 हिजरी के अशरे की दूसरी मजलिस-ए-अज़ा निश्तर पार्क, कराची में आयोजित की गई, जिसमें हजारों अज़ादारों ने भाग लिया।
मजलिस को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के वक्ता अल्लामा सैय्यद शहनशाह हुसैन नक़वी ने कर्बला की घटना और अहले-बैत (अ) के संदेश पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कर्बला केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं है, बल्कि यह सत्य, न्याय, सब्र और दृढ़ता का अमर संदेश देती है।
अल्लामा शहनशाह हुसैन नक़वी ने कहा: "कर्बला हर युग में मानवता के लिए मार्गदर्शक प्रकाश है। यह अत्याचार सहने वाले को अत्याचारी के विरुद्ध आवाज़ उठाने का साहस देती है और सत्य पर दृढ़ बने रहने का पाठ पढ़ाती है।"
उन्होंने आगे कहा कि हज़रत इमाम हुसैन (अ) और उनके साथियों की कुर्बानियों ने इस्लाम की वास्तविक आत्मा को जीवित रखा है, और यह क़यामत तक सत्य और न्याय की हर मुहिम के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
अल्लामा नक़वी ने मुस्लिम उम्मत को एकता की नसीहत करते हुए कहा कि कर्बला का संदेश हमें अत्याचार के विरुद्ध एकजुट होने और दृढ़ता के साथ डटे रहने की प्रेरणा देता है।
इस मजलिस में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में अज़ादारों ने भाग लिया।
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